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धर्मो रक्षति रक्षितः।

धर्मो रक्षति रक्षितः। धर्म का अगर पालन/रक्षा करोगे तो धर्म भी तुम्हारा पालन/रक्षा करेगा। इसलिये तुम पहले अपने धर्म को जानो और उसका पालन करो, तभी तुम्हारी रक्षा होगी।

अपना धर्म है – सनातन वैदिक हिंदू धर्म।

ईश्वर का नाम- ईश्वर का सर्वश्रेष्ट नाम ॐ है।

उपासना के प्रकार है – निराकार उपासना और साकार उपासना। इन दोनो उपासना में समन्वय है।

निराकार उपासना है- ध्यान-उपासना।

उपासना स्थल है- ध्यानालय।

उपासना का समय है –सुबह, दोपहर, और शाम।

साकार उपासना- ईश्वर के रूप की उपासना/मूर्तिपूजा।

साकार उपासना का स्थल है- मंदिर।

आज तुम केवल मंदिर बनाते हो, केवल साकार को उपासते हो। यह धर्म का अधूरा पालन है। अगर तुम निराकार-उपासना करोगे, ध्यान-उपासना करोगे, ध्यानालयों का निर्माण करोगे तो यह धर्म का पूर्ण पालन होगा।

अगर दस प्रतिशत हिंदू भी धर्म का पूर्णरूप से पालन करेंगे, तो धर्म सभी हिंदुओं की रक्षा करेगा।

धर्म कैसे रक्षा करेगा?
निराकार उपासना में तुम्हारा एकत्रीकरण होगा, यह एकत्रीकरण तुम्हे संगठित करेगा, यह संगठन ही तुम्हारी रक्षा करेगा। इसतरह धर्म रक्षति रक्षितः।

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